सहरी, इफ्तार और तरावीह के सही और सटीक औकात। मुकद्दस महीने की लाइव उल्टी गिनती देखें।
सुबह सादिक के साथ सहरी का समय खत्म होता है और फज्र का वक्त शुरू होता है।
सूरज के पूरी तरह डूबते ही इफ्तार का समय शुरू होता है।
रमज़ान की रातों में ईशा के बाद पढ़ी जाने वाली 20 रकात सुन्नत-ए-मुअक्कदा।
ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाने वाला वाजिब सदका।