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नमाज़ का समय और दुआसटीक नमाज़ का समय और इस्लामी गाइड
❓ Question

गुसूल (धार्मिक स्नान) के फर्ज़ और सुन्नतें क्या हैं?

🏛️ Hanefi
📗 Ruling
और आप पर भी سلامति हो, मेरे प्यारे भाई। अल्लाह हमारी इबादतों और पाकीज़ग़ी को कबूल فرمाये। हनफी मज़हब के अनुसार गुसूल (सम्पूर्ण स्नान) के फर्ज़ और सुन्नतें निम्नलिखित हैं: **गुसूल के फर्ज़ (3 हैं):** 1. **मुँह में पानी डालना (मज़मज़ा):** मुँह के अंदर गले तक पहुँचने वाले तरीके से अच्छी तरह पानी डालकर कुल्ला करना। 2. **नाक में पानी डालना (इस्तिन्शाक़):** नाक की नरम हड्डी तक पानी खींचकर उसे साफ करना। 3. **पूरे शरीर को धोना:** सिर से लेकर पाँव तक पूरे बदन को इस तरह धोना कि सुई की नोक बराबर भी कोई सूखा हिस्सा न बचे। *स्रोत:* सर्वशक्तिमान अल्लाह पवित्र कुरआन में फरमाता है: *"यदि तुम जुनुब (अपवित्र) हो, तो अच्छी तरह पवित्र हो जाओ (स्नान करो)।"* (सूरह माइदा, 5/6)। चूंकि मुँह और नाक का अंदरूनी हिस्सा भी शरीर के बाहरी हिस्से में गिना जाता है, इसलिए हनफी मज़हब में उन्हें धोना फर्ज़ है। **गुसूल की सुन्नतें:** 1. गुसूल की नियत करना और "बिस्मिल्लाह" से शुरुआत करना। 2. पहले हाथों और गुप्त अंगों को धोना, और यदि शरीर पर कोई गंदगी हो तो उसे साफ करना। 3. गुसूल से पहले ठीक वैसे ही पूरा वुज़ू (नमाज़ वाला वज़ू) करना जैसा नमाज़ के लिए किया जाता है। 4. पानी पहले सिर पर, फिर दाहिने कंधे पर, फिर बाएँ कंधे पर डालकर पूरे शरीर को तीन-तीन बार धोना। 5. पानी पहली बार डालते समय शरीर पर हाथ फेरना (मलना)। 6. यदि नहाने की जगह पर पानी जमा हो रहा हो, तो पैरों को सबसे आखिर में धोना। *स्रोत:* हमारी अम्मा हज़रत आयशा (रज़ि.) से रिवायत है कि पैग़म्बर साहब (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) इसी क्रम और इसी तरीके से गुसूल फरमाया करते थे (बुखारी, गुसूल 1; मुस्लिम, हैज 35)। अल्लाह तआला हमें हर प्रकार की ظاہری (भौतिक) और बातिनी (आध्यात्मिक) गंदगी से پاک صاف बंदा बनकर अपने दरबार में हाज़िर होने की तौफीक अता फरमाए।
Authentic fatwas and answers according to the Quran and Sunnah.